सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Apprentice Opportunity - 1

1. AAI Apprentice

Notification:
View Notification

Official Recruitment Page:
Visit Page


2. Railway Apprentice (Western Railway)

Notification:
View Notification

Official Website:
Visit Website


3. Agniveer / Agnipath (Indian Navy)

Official Website:
Visit Website


4. Railway Apprentice (South Central Railway)

Official Website:
Visit Website

Server Link:
Open Link

Application Portal:
Apply Portal

Notification:
View Notification


Connect with Me (Dr Ajay Kumar Choubey)

🔹 Whatsapp Channel :
Join Whatsapp Channel

🔹 Telegram Channel :
Join Telegram Channel

🔹 Instagram :
Follow on Instagram




टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

निःशुल्क सरकारी प्रशिक्षण योजना में रजिस्ट्रेशन शुरू

इंडियन रेलवे ने 'प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना' याने PMKVY के अंतर्गत "रेल कौशल विकास योजना" (RKVY) को शुरू किया था। इस योजना के द्वारा जरूरतमंद कैंडिडेट्स को हर महीने निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। और इन प्रशिक्षण याने ट्रेनिंग में युवाओं को रेलवे के अलग - अलग जोन के सेक्शन या वर्कशॉप में कई अलग - अलग ट्रेड के अंदर ट्रेनिंग दी जा रही है।  आइये जरुरी डिटेल देख लेते है - 

निःशुल्क सरकारी प्रशिक्षण योजना में रजिस्ट्रेशन शुरू

इंडियन रेलवे ने 'प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना' याने PMKVY के अंतर्गत "रेल कौशल विकास योजना" (RKVY) को शुरू किया था। इस योजना के द्वारा जरूरतमंद कैंडिडेट्स को हर महीने निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। और इन प्रशिक्षण याने ट्रेनिंग में युवाओं को रेलवे के अलग - अलग जोन के सेक्शन या वर्कशॉप में कई अलग - अलग ट्रेड के अंदर ट्रेनिंग दी जा रही है।  आइये जरुरी डिटेल देख लेते है - 

"राइट टू रिपेयर” इनीशिएटिव

 ई-वेस्ट क्या है? इलेक्ट्रॉनिक अपशिष्ट यानी ई-वेस्ट (e-waste) वह कचरा होता है, जो खराब हो चुके इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों से उत्पन्न हो सकता है.  समस्या ? जिस तरह से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग बड़ा है, उससे आज पूरे विश्व में यह ई-कचरा सबसे तेजी से बढ़ने वाला अपशिष्ट है. अगर भारत की बात की जाए तो हर वर्ष लगभग 3.2 मिलियन टन ई-कचरा उत्पन्न होता है. यह ई-वेस्ट मानव के स्वास्थ्य और हमारे पर्यावरण के लिए बहुत हानिकारक होता है. राइट टू रिपेयर पोर्टल सरकार के द्वारा ई-वेस्ट को कम करने के लिए “राइट टू रिपेयर पोर्टल” की शुरुआत की गई है. इस पोर्टल में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जीवनकाल, रखरखाव, पुनः उपयोग, उन्नयन, और अपशिष्ट प्रबंधन में सुधार करने की ऑप्शन होंगे, साथ ही इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, छोटी दुकानों और व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा, और यह थर्ड पार्टी मरम्मत को सक्षम बना कर “आत्मनिर्भर भारत” के माध्यम से रोजगार पैदा कर पाएगा.  राइट टू रिपेयर पोर्टल में 4 क्षेत्र हैं-   i. खेती के उपकरण  ii. मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिकी  iii. कंज्यूमर ड्यूरेबल  iv. ऑटोमोबाइ...